हिमालय की गोद में बसा उत्तराखंड का हिल स्टेशन चोपता

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अगर आप हिल स्टेशन पर जाने की प्लानिंग करता है तो सबसे पहले उसे उस जगह के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। देश के ज्यादातर हिल स्टेशन पर्यटकों की भीड़ से भरे होते हैं और अगर आप शांत जगह जाना चाहते हैं तब आपको ठहरकर अपनी प्लानिंग करनी होगी। उत्तराखण्ड में एक ऐसा ही हिल स्टेशन है जहां पर आप भीड़-भाड़ से दूर पहाड़ों की गोद में अकेले खुद को महसूस कर सकेंगे।

उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में बसा हुआ छोटा सा हिल स्टेशन है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती-हरियाली और घने जंगल आपको आनंदित कर देंगे। यहां की हवा में एक अलग सी ही नमी है।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित उखीमठ से 37 किलोमीटर दूर स्थित है. यहां समुद्र तट से 9515 फीट की ऊंचाई पर है। यह पहाड़ी स्थान एक ऐसी खुशनुमा जगह है, जहां पहुंचकर आप मन को शांत कर सकते हैं और कुछ दिन सुकून से रह सकते हैं । यहां सड़क किनारे कुछ ढाबे और चाय की दुकानें आपको जरूर मिलेंगी। पास ही, एक पहाड़ी पर टिन की छत वाले कमरे भी मौजूद हैं।

जी हां हम बात कर रहे है हिमालय पर्वत श्रृंखला की गोद में बसे इस छोटे से हिल स्टेशन चोपता की जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ भी कहा जाता है।

चोपता ऐसी अनछुई और अनजान हिल स्टेशन है जिसकी प्राकृतिक खूबसूरती और हरियाली आपको अंदर तक आनंदित कर देगी। यहाँ की नम हवा में बसी और दरख्तों से लिपटी सौंधी-सी खुशबू आपके तन-मन को तरोताजा कर देंगी। यहाँ पहुँच आपकी आत्मा उत्साह और संतुष्टि से भर जाएगी। यहाँ की पर्वतों में अलग ही जादू है। यहाँ हर दम चलती ठंडी-ठंडी हवाएं, मिटटी की वह मनमोहक खुशबु,घने जंगल हमें दूसरी ही दुनिया में ले जायेंगे।

चोपता कम भीड़-भाड़ पसंद वालों के लिए चोपता किसी जन्नत से कम नहीं। यहाँ का प्राचीन पर्यावरण ट्रेकर्स और पर्यटकों दोनों को ही एक अलग और सुखद अनुभव का एहसास करता है। यहाँ का चोपता-तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक मार्ग, काफी लोकप्रिय है। इस खूबसूरत स्थल से हिमालय की नंदादेवी, त्रिशूल एवं चौखम्बा पर्वत श्रृंखला के विहंगम दृश्य दिखते हैं। जब सूर्य की किरणें हिमालय की चोटियों पर पड़ती हैं तो यहां की सुबह काफी मनोरम लगती है।

चोपता बुग्यालों की पृष्ठभूमि को दर्शाता है। बुग्याल दूर-दूर तक फैले मखमली हरे-हरे घास के मैदान होते हैं। चोपता भारत का यह छोटा स्विट्जरलैंड हर साल कई क्रियाओं और साहसिक कार्यक्रमों का आयोजन भी करता है, जैसे- ट्रेकिंग, कैंपिंग, स्नो स्कीइंग, रॉक क्लाइम्बिंग आदि।

चोपता तुंगनाथ ट्रेक का प्रारंभिक केंद्र है। इस क्षेत्र में जंगलों और घास के मैदानों को पार करते हुए कई अन्य ट्रेकिंग के भी रास्ते हैं। चोपता के नजदीक स्थित अन्य आकर्षक केंद्र हैं, केदारनाथ वन्यजीव अभ्यारण्य, चंद्रशिला चोटी, देवरिया ताल, अत्रिमुनि जलप्रपात अदि, जिन्हां आप यहाँ की ट्रेक के दौरान देख सकते हैं। चोपता मई से जुलाई और सितम्बर से नवम्बर के महीनों के दौरान यहाँ का वातावरण बड़ा ही शानदार और शांत सुखमय होता है। चोपता की प्राकृतिक खूबसूरती को देखना किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं है।

दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ है। चोपता से तुंगनाथ का ट्रेक साढ़े 3 किलोमीटर लंबा है। चोपता उत्तराखंड में बसा एक सुदूर इलाका है। इसलिए आपको यहाँ पहुँचने के लिए सबसे पहले देहरादून और ऋषिकेश से होकर ही आना होगा जो आपके लिए आसान होगा। चोपता देहरादून से यह लगभग 246 किलोमीटर और ऋषिकेश से लगभग 211 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और दोनों ही जगहों से चोपता पहुँचने के लिए आप नेशनल हाईवे 58 द्वारा पहुँच सकते हैं। चोपता हालाँकि यह सुदूर इलाका है पर फिर भी यहाँ की यात्रा आप जरूर करें जो आपको एक अलग ही दुनिया का एहसास कराएगी। चोपता आप यहाँ बिना किसी बाधा या रोक-टोक के पर्वतों और प्रकृति के बीच एक खास शांति और सुख का अनुभव करेंगे।

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