स्वस्थ नौन्याळ, उज्ज्वल भवैश्य : मुख्यमंत्री धामी क मयाळु कोसिस

यु सच्च च कि उत्तराखण्ड जनि कठिन परिस्थितियौं वलु प्रदेसा म जादा से जादा निवेश हूंण जादा जरुरी च। यख निवेशक आला, जाला, निवेश कबि जादा त कबि कम होलु। किलैकि निवेश पूरि तरौं निवेशकु क अपड़ि इच्छा पर हूंद। वु त सरकार हि च कि Give and Take कु रिस्ता बणैं की रखद। मतलब सुविधा दो अर निवेश लो। इन्नि विकास बि एक लगातार हूंण वलि प्रक्रिया च । विकास सदिन हूयां, वु परिस्थितियौं पर जादा निर्भर करदु। लेकिन राजकाज मा जादा जरूरी च जनसरोकार। जनता क दगड़ मयाळु (स्नेही) हूंण। सराकर कु मुखिया जब अपड़ प्रदेसा रैवासियौं क परवा (चिन्ता) करद त चौछ्ड़ि ‘छ्वीं’ लगदि हि छन।

अबि कुछ दिन पैलि मुख्यमंत्री न आवासीय छात्रावास में रैकैकि पढ़ै करण वला नौन्याळु क खाणु खूंणि एक अच्छी कोसिस कायी। उन्न एक हि दा मा नौन्यळु क खाणु म औंण वलु खरचा तैं द्वीगुना कै दे। मुख्यमंत्री कु यु ऐतिहासिक फैसला च। इन्नु पैलि बार ह्वै, कै बि प्रदेसा क हॉस्टल म रै कैकि पढ़ै करण वला इस्कुल्यां नौन्याळु क खाणु म खरच हूंण वला पैसौं तैं द्वीगुना बढ़यें ग्यें।

प्रदेसा 13 जनपदु क 13 राजीव गांधी नवोदय विद्यालयौं मा हजारौं नौन्याळ पढ़ै करणा छन, जौंकु खाणु पैसौं तैं द्वी गुना बढ़ै कि मुख्यमंत्री धामी न उंकी बौत पैलि बटि चलणि मांग तैं पूरि कायी।

यु इस्कुलौं मा हर साल ई टेंडरिंग क जरिया खाणा खूंणि भोजन निविदा आमंत्रित कर्यें जन्दिन। निविदादाता म एक बच्चा पर एक दिनकु खाणु क खरचा 75 रुप्या से जादा नीं ह्वै सकदु। इन्नु साल 2014-15 बटि च यां से पैलि 60 रुप्यौं से जादा नीं दियें जान्दा छायीं। जैमा सुबेर कु खाणु, दिन मा फल, ब्यखूनी दा स्नेक्स अर राति कु खाणु सामिल छायीं। 70 रुप्या मा यु सब नीं ह्वै सकणु छायीं। इल्लै निविदा प्रक्रिया मा क्वीं बि निविदा दाता नीं औंणा छायीं। द्वी, तिन दा निविदा निकलें ग्यायी पर क्वीं टेंडर नीं डलणु छायीं। इन्न मा विद्यालय प्रबंधन कैन कै अबि तक नौन्याळु तैं खाणु देंणु बन्दबस्त करणु छायीं।

इन्न मा खास कैकि हमरा पाड़ि तोका आवासीय विद्यालय मा बौत जादा दिक्कत हूंणि छायीं। जै कारण बच्चौं तैं अच्छु खाणु नीं दियें जै सकणु छायीं। इन्न ब्वलें जै सकदु कि बच्चौं कु स्वास्थ्य क दगड़ म ठट्टा लग्यें जाणु छायीं। जै कारण से इन्कुलौं मा बच्चा कम हूंणा छायीं। अब जब मुख्यमंत्री धामी इस्कुलया नौन्याळु खाणा दर पैसौं तैं बढ़ै याली त इन्न मा एकदा दुबरा या उमेद च की आवासीय इस्कुलु मा खाण क गुणवत्ता बढ़लि अर नौन्यालु तैं अच्छु अर पौष्टिक खाण कु मिललु। नौन्यालु क ब्वै-बुबौं कु आवासीय विद्यालय पर भरोसु हौरि बढ़ि जालु, जैसे प्रदेसा नौन्याळु तैं पढ़ै करणा कु बौत अच्छु शैक्षिक माहौल मिललु। प्रदेसा इन्न होनहारू क स्वास्थ्य अर पोषण मा खरच हूंण वला पैसौं तैं द्वी गुना करणा कु मुख्यमंत्री कु फैसला बौत अच्छु च।

जन कि हम जणदा छौ कि सरकरि आवासीय विद्यालय खास कैकि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालयौं म अनाथ, निर्धन अर मानसिक बिमार बच्चौं तैं पढ़यें जान्द। मुख्यमंत्री धामी इन्न इस्कुलौं क प्रति सदिन मयाळु (स्नेही) रैन।
प्रधानमंत्री कु जनमबार हूयां, अपणु या अपड़ि कुटुम्दरि म कैकु बि जनमबार वु यु इस्कुल म जैकि बच्चौं क बीच जैकि जनमबार मनौंन्दन। बच्चौं क दगड़ि केक कटदन, अर बच्चौं तैं भेंट बि देन्दन, अपड़ा हत्थु न बच्चौं तैं खाणु खिलौन्दन अर भ्वां पंगत मा बैठिकि ऊंका दगड़ि खाणु खांदन। यु इस्कुलु मा क्वीं बि कार्यक्रम हूयां मुख्यमंत्री उंका न्यूतेण पर कबि मना नीं करदा, अर ऊंका कार्यक्रम मा सामिल हूंदन।
‘परीक्षा पर चर्चा’ जन्ना कार्यक्रम आवासीय विद्यालयौं मा हि उर्यें जाणा रैंदन। मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल तोड़िकि बच्चौं दगड़ बच्चा बणिकि हैंसण लगदन।

अबि 16 सितम्बर खूंणि अपडुु जनमबार खूंणि मुख्यमंत्री धामी आवासीय छात्रावास मा बच्चौं क खाणु क दर तैं बढ़ौंणा कु फैसला कै छायीं। ऊंका यु ब्वना बाद 23 सितम्बर खूंणि देरादूण मा विद्यालयौं क प्राचायौं क विभागीय बैठक मा खाणा क दर तैं बढ़ौंणा कु प्रस्ताव पारित ह्वै। अर बैठक क तीन हफ्ता क भितर-भितर मुख्यमंत्री न खाणा क दर तैं 75 रुप्या से बढ़ैकि 150 रुप्या, सीधा द्वी गुना बढ़ैकि नौन्यिाळु तैं पोषण अर अच्छु स्वास्थ्य गारंटी दे याली।

शिक्षा महानिदेश कु ब्वन च कि मुख्यमंत्री क ये फैसलन राजीव गांधी नवोदय विद्यालय क अलावा प्रदेसा म कस्तूबरा गांधी विद्यालय , नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय क दगड़ा-दगड़ि हौरि सरकरि आवासीय इस्कुळौं क बच्चौं तैं बि फैद मिललु।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *