भाई-दूज, भै-बणियौं कु पवैत्र प्रेम कु त्योवार

भाई दूज कु त्योवार कार्तिक मैना मा शुक्ल पक्षा द्वितीया तिथि खूंणि मन्यें जान्द।

दिवाळि त्योवार कु समापन भाईदूज त्योवार क दगड़ि हून्द। भाईदूज भै-बणियौं कु पवैत्र प्रेम कु प्रतीक कु त्वोवार च। ऐ दिन फर बणि अपड़ा भै-भुलौं तैं तिलक लगौंन्दन अर ऊंकी उमर लम्बी हूंया या कामना करदन।

कन्न कै ह्वै भाई दूजा सुरूवात –
ब्वलें जान्द की भाईदूज त्योवारा सुरुवात यमुना जी न कै छायीं। यमराज अर यमुना द्वीया हि भगवान सूर्यदेव संतान छन। यमराज अपड़ि बणि यमुना तैं बौत प्यार करदू छायीं। एक दिन ऊतैं अपड़ि बणि क बौत याद आयीं अर वु अचाणचक अपणि बणि यमुना क घार म पौंछिग्यींन।
अपड़ा भै तैं देखिक यमुना बौत खुस ह्वै, वींन अपड़ा भै यम कु खुब स्वागत कायी अर खूब खातिर (आवभगत) कायी। जब यमराज जाण बैठिग्येन त यमुना न अपड़ा भै पर तिलक लग्यें अर नर्यूळ भेंट द्यायी। तक यम अपड़ि बणि से वरदान मंगणा खूंणि बोलि त यमुना न बोलि कि तुम हर साल ये दिनबार फर म्यार घार मिथैं मिलण खूंणि अयां।

ऐसु क साल कार्तिक मास द्वितीय तिथि 14 नवम्बर 2023 द्वफारा बटि सुरु ह्वै कैकि 15 नवम्बर 1 बजिकि 47 मिनट तक च। वै हिसाब से भै-बणियौं कु त्वोवार भाई दूज 15 नवम्बर बुधवार खूंणि मन्यंे जालु।

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