विधानसभा भर्ति घपरोळ, 2016 से पैल्यक लग्यां कर्मचारियों पर कारवै किलै नी ह्वै: सुब्रमण्यम स्वामी

हरद्वार। पैल्यक कानून मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी न विधानसभा मा पिछनै क द्वार बटि लग्यां कर्मचारियों तैं भैर करणा कु फैसळा तैं गलत बतै अर बोल कि वु आर्टिकल 14 कु उल्लंघन च। उन्न बोलि कि उन्न ऐ मामळा मा मुख्यमंत्री धामी तैं चिट्ठी लेखिकि दुबरा नौकरि पर रखणा मांग कायी।

सुब्रमण्यम स्वामी हरद्वार मा पत्रकारु क दगड़ मा वार्ता कायी अर बोलि कि मेरु सौभाग्य कि मि आज देवभूमि मा उत्तराखण्ड मा आपक बीच मा छौ, जिन्दगि देंण वळि मां गंगा अर सबि द्यबतौं तैं प्रणाम करदु। उन्न बोलि कि मि विधानसभा सचिवालय बटि भैर निकल्यां 228 कर्मचारियौं कु मामळु मा बात पैरवी करणा कु अयुं छौ। उंका दगड़ मा ठीक नी ह्वै।

सुब्रमण्यम स्वामी न बोलि कि जब यु मामळु म्यार समणि ऐ अर मिन ऐ मामळा मा जाणकारि ले त मिथैं कुछ ठीक नी लगि कि इन्न कन्न कैकि ह्वै सकदु कि एक हि जगा मा, एक ही तरौं से नौकरि फर लग्यां कर्मचारियों पर द्वी फैसळ कन कैकि ह्वै सकदन। उन्न बोलि कि कुछ ळोगु क भर्ति गलत हूंणा क बाद बि उथैं बच्येंग्यीं अर कुछ कर्मचारियौं क भर्ति तैं गलत बतै कि भैर कर्यें ग्यें या कारवै सै नी लगणि च। एक विधान एक संविधान कु उल्लंघन च।

उन्न बोलि कि उत्तराखण्ड राज्य बणणा क बाद भर्ति मा यु ह्वै। उन्न बोलि यु कैनु निसाब च कि साल 2001 बटि 2015 तकाकि भर्ति हूंया कर्मचारियों तैं बच्यें ज्या अर साल 2016 बटि 2022 तक लग्यां कर्मचारियों तैं 7 साळ सेवा क बाद भैर कर्यें ज्या।

सुब्रमण्यम स्वामी न बोलि कि मिन अबि कुछ दिन पैळि चिट्ठी लेखिकि भैर कर्या कर्मचारियों तैं दुबरा नौकरि फर रखणा खूंणि ब्वाळि छायीं। उन्न बोलि कि आज मि प्रेस कैकी नौकरि बटि भैर कर्या कर्मचारियों के धै बणि क अयूं छौ अर मिथैं उमैद च कि यु नौन्याळु क दगड़ निसाब होळु। सुब्रमण्यम स्वामी बोलि अगर सरकार मेरि लिखि चिट्ठी मा क्वीं विचार नी करदि त मिथैं उच्च न्यायालय कु द्वार खटखटौं प्वाड़ळु।

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